ग्रामवाणी

आम आवाम की खास आवाज

मोबाइलवाणी वह मंच है जो जनता की आवाज को अहमियत देता है. तो रिकॉर्ड करें अपने हक की बात, करें अन्याय का विरोध और सच को लाएं सामने.

2020-06-09 17:19:08

खाने का संकट और मनरेगा में काम , जानिए ज़मीनी हकीकत

किसी के पास खाने को राशन नहीं है , तो किसी के पास काम नहीं होने के कारण पैसे । सरकार ने लॉकडाउन में मनरेगा में काम की मंजूरी देकर मजदूरों की जिंदगी पटरी पर लाने की कोशिश की। राष्ट्रीय औसत मजदूरी में 20 रुपए की बढ़ोत्तरी के साथ-साथ अपने गाँव पहुंचे प्रवासी मजदूरों को नए जॉब कार्ड बनाकर काम देने की कोशिश की , ताकि उनके सामने रोजी-रोटी का संकट दूर हो। मगर अभी भी बड़ी संख्या में मजदूर काम मिलने की आस लगाये बैठे हैं। प्रवासी मजदूर, दूसरे राज्य को छोड़कर अपने गॉँव की ओर इसलिए आ रहे है , ताकि उन्हें कभी खाने की समस्या ना हो, लेकिन लॉकडाउन के इस समय में इनके सामने सबसे बड़ी समस्या उनके रोज़ी-रोटी को लेकर ही आ रही है। बिहार , झारखंड , उत्तरप्रदेश और मध्य प्रदेश के 250 से ज्यादा पंचायत के मुखिया के अनुसार केवल 25-30 % मनरेगा जॉब कार्ड धरी को मनरेगा के तहत काम मिला है और बाकी लोगों के लिए रोज़गार के अवसर तलाशे जा रहे हैं, आखिर क्या है इन गाँवों की ज़मीनी हकीकत , सुनिए हमारी ये खास रिपोर्ट। साथ ही आप भी संविधान के मूल अधिकार ,जीवन के अधिकार को सुरक्षित और सुनिश्चित कीजिए और अपनी राय एवं क्षेत्र की वस्तुस्थिति को ज़रूर बताएं अपने फ़ोन में 3 नम्बर का बटन दबाकर

स्वर्गीय श्रीमती मीना काशी मुरारका की याद में "बैकुंठधाम" का मुंगेर में भूमिपूजन

सर्दियों के मौसम में बढ़ जाती है निमोनिया संक्रमण की संभावना, बच्चों का रखें ख्याल

सांप्रदायिक एकता और सद्भावना दिवस पर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित

स्कूलों में शिक्षक निर्धारित समय पर नहीं आने से पदाधिकारी ने किया करवाई

धूल से परेशान हैं जामा मस्जिद तोपखाना बाजार के लोग

नशा मुक्ति को लेकर के जागरूकता अभियान चलाया गया